Inspirational story in English and Hindi :Self Analysis-A struggle


रात 10 बज के 44 मिनट हो रहे है ।जनवरी की ठंड जहां लोग आठ बजते ही अपने अपने घरों में चले जाते है, कुण्डी लगा लेते है। ताकि रात कि ठंड उन्हें सताए नहीं..।https://amzn.to/3CNozHJ


और वहीं दूसरी ओर माधुरी है जिसकी आंखों में ना नींद है ओर ना ही वो कोई काम में व्यस्त है।।


अब तो सड़के भी सन्नाटा हो गई है। गाड़ियों की आवाजे आने भी बंद हो गई है।।


इसे भी पढ़े - महज 22 साल की उम्र में IAS बनने वाली सिम्मी करन की जानिए सक्सेस स्टोरी। 


और तो और कुत्तों के भौकाने की आवाज नहीं आ रही शायद वो भूखे ही सो गए।।


दिल और दिमाग के बीच एक अलग हीं दीवार होती है जो सदियों से चली आ रही है।एक उद्ध चल रहा है जहां दिल कुछ और कहता है और दिमाग कुछ और..।।


दोनों ही अपनी अपनी जगह सही होते है पर सोचने की बात ये है कि माधुरी किसकी बात सुने ।


कहते है  दिमाग सोचने के लिए होता है और दिल प्यार के लिए..।लेकिन जब दिमाग कुछ सोच ही नहीं पा रहा हो तो... तब कोई क्या करे..?।।


इसका जवाब तो खुद माधुरी भी ढूंढ रही थी,जो अब तक उसे नहीं मिला ।।कहना तो थोड़ा मुश्किल है ही ऐसे वक़्त में किसकी सुननी चाहिए पर आखिरकार फैसला तो लेना ही पड़ता है।।


स्कूल पास हुए  माधुरी को पांच साल हो गए थे और वो आज भी ऐसी ही घर में बैठी हुई थी। अब तो बारहवीं पास हुए तीन साल हो गए ,पर अभी भी वो अपनी ज़िन्दगी में कुछ खास नहीं कर पाई थी।।


उसके सारे सहपाठी अपनी अपनी ज़िन्दगी में कुछ बढ़िया कर रहे थे और अब बारहवीं के दोस्तो का नाम भी शामिल हो गए थे।


तो ऐसे में माधुरी का अपने भविष्य को लेकर चिंतित होना बहुत लाजमी था। 


माधुरी भोजपुर के आरा जिले की निवासी थी।उसकी बारहवीं तक की पढ़ाई वहीं के गर्ल्स कॉलेज से हुई।पढ़ाई में बहुत तेज़ तो नहीं थी पर अपने शिक्षकों के नजर में एक अलग ही छवि बना रखी थी।।


माधुरी बारहवीं की पढ़ाई पूरा करने के बाद उसे मेडिकल छेत्र में रुचि थी.. , इसीलिए वो "नीट "की  परीक्षा की तयारी अपने घर पर ही रह कर करती थी।

 

दो_तीन साल तयारी करने के बावजूद उसका चुनाव नहीं हो पा रहा था। ऐसे में बहुत परेशान रहने लगी ,उसे ये समझ नहीं आ रहा था कि आखिर गलती कहा हो रही है जिससे उसके चुनाव में बाधा हो रही है।।


हर बार कुछ अंको से वो पीछे रह जाती और जो दोस्त उसके पीछे से तयारी कर रहे थे उसका चुनाव हो रहा था। वक़्त बीतता ही चला जा रहा था और ऐसे में उसकी तबीयत भी बिगड़ने लगी।।


तबीयत खराब होने की वजह से उसे डॉक्टर ने सख्त हिदायत दी थी कि ज्यादा सोचना नहीं है,ना ही ज्यादा बात करना जितना हो सके उसे आराम की जरूरत थी।।


पर बेचैन दिल कहा इन सारी हिदायतों को मानता है।

 अच्छा बुरा सब कुछ लिखने की आदत रही है माधुरी को,वो अक्सर अपने बीते हुए कल को और अपनी सोच को पन्नों पे लिखा करती थी।।


वक़्त के इस रफ्तार में कुछ दिनों के लिए वो भूल ही गई थी,की उसे लिखना भी पसंद है।। और डॉक्टर ने तो मना किया ही था उसे सोचने से.. तो बस आज फिर उसने अपनी डायरी निकली और लिखना सुरु किया।।


लिखते लिखते उसे अहसास हुआ कि शायद उसे लिखने कि कला ही भगवान ने दी है..,जिसे समझने में शायद उससे कोई गलती ही गई थी।।


माधुरी जब दसवीं में पढ़ रही थी तब उसके मैथ्स के शिक्षक ने मेडिकल परीक्षा नीट के बारे में बताया था ।तब माधुरी बहुत ना समझ और छोटी थी ,उसे ये समझ नहीं थी कि मेडिकलं परीक्षा उसके लिए है जिसे पढ़ना पसंद है ,जो दूसरो को जीवन देने की इच्छा रखता है।।


माधुरी को भगवान ने लिखने का हुनर दिया था।।और ये समझने में उसने 6 छे साल लगा दिए।।

माधुरी ने पहली बार एक लेख लिखी थी जब वो नवमी में थी और वो उसके दोस्तो को बहुत पसंद आई थी।


पर वो कहते है ना देर आए दुरुसत आए ,आए तो..।। 

आज माधुरी ने अपनी एक कहानी लिखी है और लोगों को भी सुनती है,जिससे लोग भी ये बात समझ पा रहे है ।उसकी लिखी कहानियां लोगो को पसंद आ रही हैं। 


और अब वो खुश के साथ साथ दूसरो को भी प्रेरित करती है।।


सीख इस कहानी से :- 

1. हमे कभी किसी की कॉपी नहीं करनी चाहिए..क्यूंकि भगवान ने सबको अलग बनाया है ,सबकी काबिलियत अलग है।।

2. कभी खुद को दूसरो से कम ना समझे , जिस चीज में आपके दोस्तो या परिवार के सदस्य को सफलता मिली है ज़रूरी नहीं की आपको भी उसी से मिले। निराश होने से अच्छा हैं उस पर विचार करे और आगे बढ़े।।

3.खुद के लिए वक़्त निकालो ,खुद को वक़्त दो और सोचो की भगवान ने तुम्हे को सी काबिलियत दी है और तब भविष्य का फैसला करो।। 

 https://amzn.to/3CStszd. Best chetan Bhagat book.



ENGLISH TRANSLATE :- 




It is 44 minutes past 10. It is cold in January, where people go to their homes as soon as eight o'clock.  So that the cold of night does not persecute them ...

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 And on the other side there is Madhuri who has no sleep in her eyes nor is she busy in any work.

https://www.storyobsession.com/2021/10/motivational-story-live-freely.html


 Now even the roads have become silent.  The movement of vehicles has also stopped.



 And the sound of dogs barking is not coming, they probably slept hungry.



 There is a separate wall between the heart and the mind, which has been going on for centuries. There is an evolution where the heart says something else and the mind says something else….



 Both are right in their place but the point of thinking is that Madhuri should listen to whom.



 It is said that the mind is for thinking and the heart is for love… but when the mind is unable to think… then what should anyone do ..?.



 Madhuri herself was looking for an answer to this, which she has not yet found. It is a bit difficult to say, in such a time, who should listen, but ultimately the decision has to be taken.



 Madhuri had been in school for five years and she was sitting in the same house even today.  Now it has been three years since the twelfth passed, but still she could not do anything special in her life.



 All his classmates were doing something good in their lives and now the names of friends of the twelfth were also included.



 In such a situation, Madhuri was very much worried about her future.



 Madhuri was a resident of Aara district of Bhojpur. She studied up to class XII from the same girls' college. The education was not very fast but she had maintained a different image in the eyes of her teachers.



 After completing the studies of Madhuri XII, she was interested in the medical field .. That is why she used to prepare for "NEET" examination by staying at her home.




 Despite being ready for three years, his election was not being held.  In this situation, he started feeling very upset, he could not understand that what was being said was a mistake, which is hindering his election.



 Every time she would be left behind by some points and the friends who were preparing for her from behind were being selected.  Time was passing by, and in such a situation, his health also deteriorated.



 Due to ill health, he was given strict instructions by the doctor not to think too much, nor to talk as much as he needed to.



 But the restless heart said that he obeyed all these instructions.


 Good and bad has been the habit of writing everything to Madhuri, she used to write her past yesterday and write her thoughts on the pages.



 She had forgotten for a few days at this pace of time, that she also likes to write.  And the doctor had refused to think it .. So just today he got out his diary and started writing.



 While writing, he realized that perhaps God has given him the art to write .., which perhaps he had made a mistake in understanding it.



 When Madhuri was studying in class X, her Maths teacher had told about the medical examination NEET. Then Madhuri was not very understanding and small, she did not understand that medical examination is for someone who likes to read, which others  Desires to give life.



 Madhuri was given the skill to write by God and it took her six years to understand this.


 Madhuri wrote an article for the first time when she was in Navami and her friends liked it very much.



 But they say that they have come late, they have come late.


 Today, Madhuri has written a story of her own and listens to people, so that people are able to understand this. People are liking her stories.



 And now she is happy as well as inspires others.



 Learn from this story: -


 1. We should never copy anyone ... Because God has made everyone different, everyone's ability is different.


 2. Never think of yourself as less than others, the thing in which your friends or family members have got success, it is not necessary that you also meet them.  Better to be disappointed than think about it and move forward.


 3. Take time out for yourself, give yourself time and think that God has given you the same ability and then decide the future. Read more at GodlyGuide


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If u want to chat wid me then u can follow me on my Facebook page Jo 

Akanksha Kashyap ke naam se hai..








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और तो और कुत्तों के भौकाने की आवाज नहीं आ रही शायद वो भूखे ही सो गए।।


दिल और दिमाग के बीच एक अलग हीं दीवार होती है जो सदियों से चली आ रही है।एक उद्ध चल रहा है जहां दिल कुछ और कहता है और दिमाग कुछ और..।।


दोनों ही अपनी अपनी जगह सही होते है पर सोचने की बात ये है कि माधुरी किसकी बात सुने ।


कहते है  दिमाग सोचने के लिए होता है और दिल प्यार के लिए..।लेकिन जब दिमाग कुछ सोच ही नहीं पा रहा हो तो... तब कोई क्या करे..?।।


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स्कूल पास हुए  माधुरी को पांच साल हो गए थे और वो आज भी ऐसी ही घर में बैठी हुई थी। अब तो बारहवीं पास हुए तीन साल हो गए ,पर अभी भी वो अपनी ज़िन्दगी में कुछ खास नहीं कर पाई थी।।


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तो ऐसे में माधुरी का अपने भविष्य को लेकर चिंतित होना बहुत लाजमी था। 


माधुरी भोजपुर के आरा जिले की निवासी थी।उसकी बारहवीं तक की पढ़ाई वहीं के गर्ल्स कॉलेज से हुई।पढ़ाई में बहुत तेज़ तो नहीं थी पर अपने शिक्षकों के नजर में एक अलग ही छवि बना रखी थी।।


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हर बार कुछ अंको से वो पीछे रह जाती और जो दोस्त उसके पीछे से तयारी कर रहे थे उसका चुनाव हो रहा था। वक़्त बीतता ही चला जा रहा था और ऐसे में उसकी तबीयत भी बिगड़ने लगी।।


तबीयत खराब होने की वजह से उसे डॉक्टर ने सख्त हिदायत दी थी कि ज्यादा सोचना नहीं है,ना ही ज्यादा बात करना जितना हो सके उसे आराम की जरूरत थी।।


पर बेचैन दिल कहा इन सारी हिदायतों को मानता है।

 अच्छा बुरा सब कुछ लिखने की आदत रही है माधुरी को,वो अक्सर अपने बीते हुए कल को और अपनी सोच को पन्नों पे लिखा करती थी।।


वक़्त के इस रफ्तार में कुछ दिनों के लिए वो भूल ही गई थी,की उसे लिखना भी पसंद है।। और डॉक्टर ने तो मना किया ही था उसे सोचने से.. तो बस आज फिर उसने अपनी डायरी निकली और लिखना सुरु किया।।


लिखते लिखते उसे अहसास हुआ कि शायद उसे लिखने कि कला ही भगवान ने दी है..,जिसे समझने में शायद उससे कोई गलती ही गई थी।।


माधुरी जब दसवीं में पढ़ रही थी तब उसके मैथ्स के शिक्षक ने मेडिकल परीक्षा नीट के बारे में बताया था ।तब माधुरी बहुत ना समझ और छोटी थी ,उसे ये समझ नहीं थी कि मेडिकलं परीक्षा उसके लिए है जिसे पढ़ना पसंद है ,जो दूसरो को जीवन देने की इच्छा रखता है।।


माधुरी को भगवान ने लिखने का हुनर दिया था।।और ये समझने में उसने 6 छे साल लगा दिए।।

माधुरी ने पहली बार एक लेख लिखी थी जब वो नवमी में थी और वो उसके दोस्तो को बहुत पसंद आई थी।


पर वो कहते है ना देर आए दुरुसत आए ,आए तो..।। 

आज माधुरी ने अपनी एक कहानी लिखी है और लोगों को भी सुनती है,जिससे लोग भी ये बात समझ पा रहे है ।उसकी लिखी कहानियां लोगो को पसंद आ रही हैं। 


और अब वो खुश के साथ साथ दूसरो को भी प्रेरित करती है।।


सीख इस कहानी से :- 

1. हमे कभी किसी की कॉपी नहीं करनी चाहिए..क्यूंकि भगवान ने सबको अलग बनाया है ,सबकी काबिलियत अलग है।।

2. कभी खुद को दूसरो से कम ना समझे , जिस चीज में आपके दोस्तो या परिवार के सदस्य को सफलता मिली है ज़रूरी नहीं की आपको भी उसी से मिले। निराश होने से अच्छा हैं उस पर विचार करे और आगे बढ़े।।

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 It is said that the mind is for thinking and the heart is for love… but when the mind is unable to think… then what should anyone do ..?.



 Madhuri herself was looking for an answer to this, which she has not yet found. It is a bit difficult to say, in such a time, who should listen, but ultimately the decision has to be taken.



 Madhuri had been in school for five years and she was sitting in the same house even today.  Now it has been three years since the twelfth passed, but still she could not do anything special in her life.



 All his classmates were doing something good in their lives and now the names of friends of the twelfth were also included.



 In such a situation, Madhuri was very much worried about her future.



 Madhuri was a resident of Aara district of Bhojpur. She studied up to class XII from the same girls' college. The education was not very fast but she had maintained a different image in the eyes of her teachers.



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 She had forgotten for a few days at this pace of time, that she also likes to write.  And the doctor had refused to think it .. So just today he got out his diary and started writing.



 While writing, he realized that perhaps God has given him the art to write .., which perhaps he had made a mistake in understanding it.



 When Madhuri was studying in class X, her Maths teacher had told about the medical examination NEET. Then Madhuri was not very understanding and small, she did not understand that medical examination is for someone who likes to read, which others  Desires to give life.



 Madhuri was given the skill to write by God and it took her six years to understand this.


 Madhuri wrote an article for the first time when she was in Navami and her friends liked it very much.



 But they say that they have come late, they have come late.


 Today, Madhuri has written a story of her own and listens to people, so that people are able to understand this. People are liking her stories.



 And now she is happy as well as inspires others.



 Learn from this story: -


 1. We should never copy anyone ... Because God has made everyone different, everyone's ability is different.


 2. Never think of yourself as less than others, the thing in which your friends or family members have got success, it is not necessary that you also meet them.  Better to be disappointed than think about it and move forward.


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