Real life inspirational Stories of success in hindi || प्रेरणादायक हिंदी कहानियां

हैलो दोस्तो, स्वगत आपका मेरे ब्लॉग STORY OBSESSION पर। मैंने इससे पहले कई Motivational story को पब्लिश किया हैं। और आपने पढ़ा भी होगा। और हर बार की तरह आज फिर मैं आपको एक ऐसी ही Real life inspirational success story बताने जा रहीं हुं।

दोस्तो जिस इंसान की Real life के बारे में मैं आज बात करने वाली हुं वो सिर्फ एक अच्छे इंसान नही बल्कि एक अच्छे एक्टर भी है। और पूरी दुनिया उनकी एक्टिंग स्किल के लिए उन्हें सलाम करती है। जी मैं बात कर रही ही किसी और की नही बल्कि Nawazzuddin siddhiqui जी की।

Nawazuddin Siddiqui


आज इन्हे पहचान और नाम की कोई जरूरत नहीं है। बच्चा बच्चा जनता है कि ये कौन है और क्या करते है। लेकिन, एक समय था जब इनकी पहचान दुनिया से छिपी हुई थी और और नाम बनाने में इन्हे 12 साल लग गए। और ये नाम कड़ी मेहनत और उस जुनून की वजह से बना है जो इन्हें अंदर थी।


इनकी inspirational story पढ़ कर आप भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। 

तो चलिए शुरू करते है।।


Nawazuddin Siddiqui जी का जन्म 1974 में उत्तर प्रदेश शहर के मुजफ्फर नगर जिले के एक छोटे से गांव बुढ़ाना में हुई थी। नवाज जी अपने नौ भाई बहनों में सबसे बड़े भाई थे। घर परिवार इतना अच्छा नहीं था। और उनके गांव का माहौल तो बिल्कुल भी अच्छा नहीं था। 

नवाज जी को बचपन से ही फिल्मे देखने का बड़ा शौक था। वो पूरे साल पैसे बचाते थे और साल के दीपावली के दिन फिल्मे देखते। लेकिन पढ़ाई करना जरूरी था तो वो उन्होंने हरिद्वार के लिए रवाना किया। और अपनी बीएससी की पढ़ाई की। 

पढ़ाई करने के बाद वो गुजरात के बदरोद्रा में चले गए जहां एक कंपनी में केमिस्ट की नौकरी ज्वाइन कर ली। मन तो लगता नही था इस काम में पर क्या करे पैसे के लिए करना पड़ा। 

एक दिन वो अपने दोस्त के साथ एक नाटक देखने गए। उनको वो नाटक इतना पसंद आया और वो इतने खुश हुए की उन्होंने ये डिसाइड कर लिया की वो एक्टर ही बनेंगे पर इस फील्ड को एक्टिंग कहते है उन्हे पता ही नही था और तब वो दिल्ली आ गए। दिल्ली में उन्हें पता चला की इसे एक्टिंग कहते है।

दिल्ली में आने के बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से एक्टिंग सीखी जिससे उन्हें कुछ छोटे मोटे रोल भी करने को मिला और इसी तरह दिल्ली में चार साल बीत गए। जो भी रोल कर रहे थे उनसे उन्हें कुछ जायदा पैसे भी नहीं मिल रहे थे की वो अपना गुजारा या घर में दे सके।

लेकिन, सन 2000 में वो मुंबई आ गए अपनी किस्मत आजमाने। सोचा बॉलीवुड नही तो टीवी सीरियल में तो काम मिल ही जाएगा। पर ऐसा नहीं हुआ। उन्हें कोई काम नही मिला। वो अपनी फोटो हर किसी को दिखाते पर सारे रिजेक्ट कर दिए। जहां लोग गुड लुकिंग, लंबे और गोरे एक्टर को कास्ट करते है वहां ये कही नमो फिट नहीं आ रहे थे।


इनकी सवाला पण, छोटी हाइट, और एक्टर जैसी कोई बॉडी न होने की वजह से सबने इन्हे रिजेक्ट कर दिया। पैसे भी नही थे तो तब इन्होंने एनएसडी के एक सीनियर से मदद मांगी और रहने के लिए छत मांगी। घर सा सारा काम इन्हे ही करना होगा इस शर्त पर उन्हें घर में पनाह तो मिल गई लेकिन, पैसे की जरूरत तो अब भी थी। इसीलिए उन्होंने वॉचमैन की जॉब कर और सुबह से शाम काम काम और सिर्फ काम करते।


कभी कभार खाने तक के पैसे नही होते लेकिन, हार नही मानते। सोचते की गांव चले जाए पर फिर सोचते क्या मुंह लेकर जाऊंगा और इस बार जायदा मेहनत करते। मुंबई में रोल ढूढना कभी बंद नहीं किया लेकिन छोटे रोल से उन्हें संतुष्टि नहीं थी।

एक बार एक नाटक में अनुराग कश्यप आए थे जो बॉलीवुड के जाने माने डायरेक्टर में से एक है। 


अनुराग कश्यप जी उस नाटक को देख प्रभावित हुए और नवाज जी को ब्लैक फ्राइडे में काम करने का मौका दिया। रोल पहले से बड़ा था इसीलिए उन्होंने मन लगा कर पूरी निष्ठा से किया। और यही से उनकी जिंदगी उनका सपना पटरी पे आने लगा।

अभी भी रोल बड़े मिल रहे थे और वो काम किए जा रहे थे और अब पैसों की कमी भी नही थी। 

पर वो संतुष्ट नहीं थे। उन्हें लग रहा था की उनका टैलेंट अभी भी बहुत लोगो को देखना बाकी है। और वो काम किए जा रहे थे। उनकी एक्टिंग स्किल से तो अनुराग कश्यप जी खुश हो ही गए थे लेकिन, उनकी लगन को देख उन्होंने अपने नेक्स्ट फिल्म में लीड रोल ऑफर किया। नेकी और पूछ पूछ जैसा माहौल था। नवाज जी मान गए। और फिर आई वो मूवी जो सबके दिलों पर राज किया जिसका नाम है गैंग्स ऑफ वासेपुर मूवी। इस मूवी में नवाज जी की को रातों रात लोकप्रिय बना दिया और उनकी बहुत तारीफ हुई। 


इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। फिर उनकी मूवी आई मांझी द माउंटेन मैन। जिसमे उनकी दमदार एक्टिंग को देख कर सभी ने खूब सराहना कि। बजरंगी भाईजान में उनका सपोर्टिंग रोल होते हुए उनको काफी प्रशंसा मिली। सिर्फ मूवी ही नहीं बहुत सारे अवॉर्ड्स को भी अपने नाम करने में सफल रहे।

आज वो एक बड़े और मंझे हुए कलाकार है। अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा ने वाले एक ऐसे सक्स बने जिनमे हीरो की जैसी ना ही बॉडी थी ना ही रूप और न ही कद। पर आज वो जिस मुकाम पर है लोग वहां तक पहुंचते पहुंचते दम ही तोड़ देते है। कुछ लोग कुछ दिन मेहनत करके छोड़ देते हैं।

Conclusion

वैसे तो इनसे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है पर कुछ बाते ऐसी है जो मैं हाईलाइट करना चाहूंगी जो मेरे लिए true motivational Story है।


खुद पर भरोसा रखे - short motivational Story in hindi for success 

दोस्तो, कोई भी करियर हो वक्त सब में लगता हैं किसी में कम तो किसी में जायदा। पर भरोसा एक ऐसी चीज है जो आपको हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। अगर आप भरोसा नही करोगे तो शायद कभी भी कुछ नही बन पाओगे चाहे आप कितना भी मेहनत क्यू ना कर लो। तो सफलता की सबसे पहली सीढ़ी हैं खुद पर भरोसा करना।


कॉन्सिस्टेंसी रखना - motivational Story in hindi for depression 

ये एक अहम टॉपिक है की आप एक दिन काम किया या एक महीना काम करके नहीं छोड़ दिया। नहीं, आप ऐसा नहीं कर सकते। ऐसा करते है तो आप ही का नुकसान हैं। आपको जो भी करना है लगातार करते रहना है।ये कहानी सोच को बदलने वाली कहानी है और आपको इससे बेस्ट करना है। क्योंकि ये कहानी real inspirational जरूर हैं पर आपकी नहीं है।


हिम्मत नही हारना कभी - motivational story for student to wark hard

ये real sucess story को बताने के पीछे मेरा यही मकसद है की आप कभी भी हिम्मत नही हारो। आपको भी किसी के लिए प्रेरणादायक हिंदी कहानी बननी है। जब भी हिम्मत टूटे तो याद करना की क्या वजह थी जो इसको चुना आपने। अगर इसका जवाब मिल जाए तो मेहनत कम करनी पड़ेगी क्योंकि फिर आपका दिमाग ही  मोटिवेट हो जाएगा जो आपको पुश करेगा। 


खुद को मत बांधो - real life story in Hindi

इस Motivational Story इन हिंदी फॉर स्टूडेंट को बताने के पीछे मेरा मकसद ये है की आप खुद को मत बांधो। जैसे की कोई deadline मत दो इस साल हो गया तो अच्छी बात है नही तो अगले साल कुछ और करेंगे। क्योंकि फिर दिल से काम नहीं कर पाओगे। सारी मेहनत झोंक दो अपने सपने को जीने के लिए।Real life inspirational story of success in hindi || प्रेरणादायक हिंदी कहानियां by Akanksha Kashyap Singh


वैसे ये तो मेरी राय थी अगर आपकी कोई राय है या कुछ कहना है तो हमे comment में ज़रूर बताएं।


आशा है की आपको पसंद आए होंगे ।। मिलते है एक ऐसी ही शॉर्टमोटिवेशनल स्टोरी विथ मॉरल के साथ जो आपकी सोच को बदल देगी।


मेरे अन्य पोस्ट :- Love quotes

 2.     Love story

  3.    Inspirational story 


अपना वक्त देने के लिए धन्यवाद!


 Real life inspirational Stories of success in hindi || प्रेरणादायक हिंदी कहानियां

हैलो दोस्तो, स्वगत आपका मेरे ब्लॉग STORY OBSESSION पर। मैंने इससे पहले कई Motivational story को पब्लिश किया हैं। और आपने पढ़ा भी होगा। और हर बार की तरह आज फिर मैं आपको एक ऐसी ही Real life inspirational success story बताने जा रहीं हुं।

दोस्तो जिस इंसान की Real life के बारे में मैं आज बात करने वाली हुं वो सिर्फ एक अच्छे इंसान नही बल्कि एक अच्छे एक्टर भी है। और पूरी दुनिया उनकी एक्टिंग स्किल के लिए उन्हें सलाम करती है। जी मैं बात कर रही ही किसी और की नही बल्कि Nawazzuddin siddhiqui जी की।

Nawazuddin Siddiqui


आज इन्हे पहचान और नाम की कोई जरूरत नहीं है। बच्चा बच्चा जनता है कि ये कौन है और क्या करते है। लेकिन, एक समय था जब इनकी पहचान दुनिया से छिपी हुई थी और और नाम बनाने में इन्हे 12 साल लग गए। और ये नाम कड़ी मेहनत और उस जुनून की वजह से बना है जो इन्हें अंदर थी।


इनकी inspirational story पढ़ कर आप भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। 

तो चलिए शुरू करते है।।


Nawazuddin Siddiqui जी का जन्म 1974 में उत्तर प्रदेश शहर के मुजफ्फर नगर जिले के एक छोटे से गांव बुढ़ाना में हुई थी। नवाज जी अपने नौ भाई बहनों में सबसे बड़े भाई थे। घर परिवार इतना अच्छा नहीं था। और उनके गांव का माहौल तो बिल्कुल भी अच्छा नहीं था। 

नवाज जी को बचपन से ही फिल्मे देखने का बड़ा शौक था। वो पूरे साल पैसे बचाते थे और साल के दीपावली के दिन फिल्मे देखते। लेकिन पढ़ाई करना जरूरी था तो वो उन्होंने हरिद्वार के लिए रवाना किया। और अपनी बीएससी की पढ़ाई की। 

पढ़ाई करने के बाद वो गुजरात के बदरोद्रा में चले गए जहां एक कंपनी में केमिस्ट की नौकरी ज्वाइन कर ली। मन तो लगता नही था इस काम में पर क्या करे पैसे के लिए करना पड़ा। 

एक दिन वो अपने दोस्त के साथ एक नाटक देखने गए। उनको वो नाटक इतना पसंद आया और वो इतने खुश हुए की उन्होंने ये डिसाइड कर लिया की वो एक्टर ही बनेंगे पर इस फील्ड को एक्टिंग कहते है उन्हे पता ही नही था और तब वो दिल्ली आ गए। दिल्ली में उन्हें पता चला की इसे एक्टिंग कहते है।

दिल्ली में आने के बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से एक्टिंग सीखी जिससे उन्हें कुछ छोटे मोटे रोल भी करने को मिला और इसी तरह दिल्ली में चार साल बीत गए। जो भी रोल कर रहे थे उनसे उन्हें कुछ जायदा पैसे भी नहीं मिल रहे थे की वो अपना गुजारा या घर में दे सके।

लेकिन, सन 2000 में वो मुंबई आ गए अपनी किस्मत आजमाने। सोचा बॉलीवुड नही तो टीवी सीरियल में तो काम मिल ही जाएगा। पर ऐसा नहीं हुआ। उन्हें कोई काम नही मिला। वो अपनी फोटो हर किसी को दिखाते पर सारे रिजेक्ट कर दिए। जहां लोग गुड लुकिंग, लंबे और गोरे एक्टर को कास्ट करते है वहां ये कही नमो फिट नहीं आ रहे थे।


इनकी सवाला पण, छोटी हाइट, और एक्टर जैसी कोई बॉडी न होने की वजह से सबने इन्हे रिजेक्ट कर दिया। पैसे भी नही थे तो तब इन्होंने एनएसडी के एक सीनियर से मदद मांगी और रहने के लिए छत मांगी। घर सा सारा काम इन्हे ही करना होगा इस शर्त पर उन्हें घर में पनाह तो मिल गई लेकिन, पैसे की जरूरत तो अब भी थी। इसीलिए उन्होंने वॉचमैन की जॉब कर और सुबह से शाम काम काम और सिर्फ काम करते।


कभी कभार खाने तक के पैसे नही होते लेकिन, हार नही मानते। सोचते की गांव चले जाए पर फिर सोचते क्या मुंह लेकर जाऊंगा और इस बार जायदा मेहनत करते। मुंबई में रोल ढूढना कभी बंद नहीं किया लेकिन छोटे रोल से उन्हें संतुष्टि नहीं थी।

एक बार एक नाटक में अनुराग कश्यप आए थे जो बॉलीवुड के जाने माने डायरेक्टर में से एक है। 


अनुराग कश्यप जी उस नाटक को देख प्रभावित हुए और नवाज जी को ब्लैक फ्राइडे में काम करने का मौका दिया। रोल पहले से बड़ा था इसीलिए उन्होंने मन लगा कर पूरी निष्ठा से किया। और यही से उनकी जिंदगी उनका सपना पटरी पे आने लगा।

अभी भी रोल बड़े मिल रहे थे और वो काम किए जा रहे थे और अब पैसों की कमी भी नही थी। 

पर वो संतुष्ट नहीं थे। उन्हें लग रहा था की उनका टैलेंट अभी भी बहुत लोगो को देखना बाकी है। और वो काम किए जा रहे थे। उनकी एक्टिंग स्किल से तो अनुराग कश्यप जी खुश हो ही गए थे लेकिन, उनकी लगन को देख उन्होंने अपने नेक्स्ट फिल्म में लीड रोल ऑफर किया। नेकी और पूछ पूछ जैसा माहौल था। नवाज जी मान गए। और फिर आई वो मूवी जो सबके दिलों पर राज किया जिसका नाम है गैंग्स ऑफ वासेपुर मूवी। इस मूवी में नवाज जी की को रातों रात लोकप्रिय बना दिया और उनकी बहुत तारीफ हुई। 


इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। फिर उनकी मूवी आई मांझी द माउंटेन मैन। जिसमे उनकी दमदार एक्टिंग को देख कर सभी ने खूब सराहना कि। बजरंगी भाईजान में उनका सपोर्टिंग रोल होते हुए उनको काफी प्रशंसा मिली। सिर्फ मूवी ही नहीं बहुत सारे अवॉर्ड्स को भी अपने नाम करने में सफल रहे।

आज वो एक बड़े और मंझे हुए कलाकार है। अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा ने वाले एक ऐसे सक्स बने जिनमे हीरो की जैसी ना ही बॉडी थी ना ही रूप और न ही कद। पर आज वो जिस मुकाम पर है लोग वहां तक पहुंचते पहुंचते दम ही तोड़ देते है। कुछ लोग कुछ दिन मेहनत करके छोड़ देते हैं।

Conclusion

वैसे तो इनसे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है पर कुछ बाते ऐसी है जो मैं हाईलाइट करना चाहूंगी जो मेरे लिए true motivational Story है।


खुद पर भरोसा रखे - short motivational Story in hindi for success 

दोस्तो, कोई भी करियर हो वक्त सब में लगता हैं किसी में कम तो किसी में जायदा। पर भरोसा एक ऐसी चीज है जो आपको हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। अगर आप भरोसा नही करोगे तो शायद कभी भी कुछ नही बन पाओगे चाहे आप कितना भी मेहनत क्यू ना कर लो। तो सफलता की सबसे पहली सीढ़ी हैं खुद पर भरोसा करना।


कॉन्सिस्टेंसी रखना - motivational Story in hindi for depression 

ये एक अहम टॉपिक है की आप एक दिन काम किया या एक महीना काम करके नहीं छोड़ दिया। नहीं, आप ऐसा नहीं कर सकते। ऐसा करते है तो आप ही का नुकसान हैं। आपको जो भी करना है लगातार करते रहना है।ये कहानी सोच को बदलने वाली कहानी है और आपको इससे बेस्ट करना है। क्योंकि ये कहानी real inspirational जरूर हैं पर आपकी नहीं है।


हिम्मत नही हारना कभी - motivational story for student to wark hard

ये real sucess story को बताने के पीछे मेरा यही मकसद है की आप कभी भी हिम्मत नही हारो। आपको भी किसी के लिए प्रेरणादायक हिंदी कहानी बननी है। जब भी हिम्मत टूटे तो याद करना की क्या वजह थी जो इसको चुना आपने। अगर इसका जवाब मिल जाए तो मेहनत कम करनी पड़ेगी क्योंकि फिर आपका दिमाग ही  मोटिवेट हो जाएगा जो आपको पुश करेगा। 


खुद को मत बांधो - real life story in Hindi

इस Motivational Story इन हिंदी फॉर स्टूडेंट को बताने के पीछे मेरा मकसद ये है की आप खुद को मत बांधो। जैसे की कोई deadline मत दो इस साल हो गया तो अच्छी बात है नही तो अगले साल कुछ और करेंगे। क्योंकि फिर दिल से काम नहीं कर पाओगे। सारी मेहनत झोंक दो अपने सपने को जीने के लिए।Real life inspirational story of success in hindi || प्रेरणादायक हिंदी कहानियां by Akanksha Kashyap Singh


वैसे ये तो मेरी राय थी अगर आपकी कोई राय है या कुछ कहना है तो हमे comment में ज़रूर बताएं।


आशा है की आपको पसंद आए होंगे ।। मिलते है एक ऐसी ही शॉर्टमोटिवेशनल स्टोरी विथ मॉरल के साथ जो आपकी सोच को बदल देगी।


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 2.     Love story

  3.    Inspirational story 


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